Untitled by Madan Meena

प्रलय में लय जितना : अशोक कुमार पांडेय

चंद्रकांत देवताले की एक नायाब कविता माँ पर कविता लिखने की असंभावना का वर्णन करती है. हालांकि यह कविता स्वयं माँ पर लिखी दुनिया की…

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Art: Piyush Shah

8 के पैमाने का भूकंप: शिरीष कुमार मौर्य

शिरीष कुमार मौर्य सम्पूर्ण जीवन और अस्तित्व के कवि हो जाने का कवि है – उससे अधिक उदास कम ही राजनीतिक कवि होंगे, उससे अधिक राजनीतिक कम…

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